Omprakash Shrivastava

Omprakash Shrivastava

ओम जय श्री राधे कृष्ण बोले ,,
 

    Summary

    ईश्वर हैं गीता हमे यही सिखाती हैं ,,आत्मा तो निरंतर परमात्मा का समीप्य चाहती हैं ,,जीवन में दर्शन का अत्याधिक महत्व हैं दर्शन जीवन जीने कि कला का ही नाम हैं ,,ईश्वर वादी कभी निराश नहीं होता ,,होसला ही जिन्दगी में ऊचाई तक पहुंचनें का साधन हैं ,,जीवन में माँ और पिता एक बार ही मिलते हैं ,अधिकांश माता पिता खुद कष्ट सहकर अपनी संतान को सही शिक्षा दिलाने का प्रयास करते हैं ,,तो क्या माता पिता के लिए और समाज के लिए हम उन्हें सुख देने वाले कार्य करते हैं ,,ईश्वर को माने वाला माँ ,पिता ,को ही भगवन मानता हैं ,,

Langues parlées

 
  • Hindi